दो दिवसीय अ.भा.वैश्य युवक-युवती परिचय सम्मेलन का सफल आयोजन-200 से अधिक रिश्ते तय दो दिवसीय अ.भा.वैश्य युवक-युवती परिचय सम्मेलन इंदौर। वैश्य समाज के उच्च शिक्षित बच्चे ज्यादा पढ़-लिखकर हमारी ताकत बन गए हैं, लेकिन शादी-ब्याह के मामले में उनकी यही खूबी हमारी कमजोरी भी बन गई है। वैश्य समाजों के बीच वैवाहिक रिश्तों की शुरूआत और इस तरह के संयुक्त परिचय सम्मेलन के आयोजनों से वैश्य एकता को नए आयाम मिलेंगे, बल्कि हमारे आपसी रिश्तों में भी मजबूती और समृद्धि का आगमन होगाराज्य के पूर्व मंत्री नरेंद्र नाहटा ने म.प्र. वैश्य मित्तल, जिला अध्यक्ष धीरज खंडेलवाल, राज्य के पूर्व मंत्री नरेंद्र नाहटा ने म.प्र. वैश्य महासम्मेलन की मेजबानी में एबी रोड स्थित शुभकारज गार्डन पर दो दिवसीय अ.भा. वैश्य युवक-युवती परिचय सम्मेलन के शुभारंभ सत्र में 24 सितंबर को विशेष अतिथि के रूप में व्यक्त किए।
अंतर्राष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन के कार्यकारी अध्यक्ष रमेशचंद्र अग्रवाल, अ.भा. माहेश्वरी महासभा के सभापति जोधराज लड्ढा, अ.भा. अग्रवाल महासम्मेलन नई दिल्ली के अध्यक्ष सुरेंद्र गुप्ता, अ.भा. अग्रवाल युवा सम्मेलन के अध्यक्ष योगेश अग्रवाल, स्वागताध्यक्ष विनोद अग्रवाल सहित शहर के सभी प्रमुख वैश्य घटकों के पदाधिकारियों के आतिथ्य में दीप प्रज्जवलन एवं वैश्य एकता जिंदाबाद के उद्घोष के बीच सम्मेलन का शुभारंभ हुआ। प्रारंभ में आयोजन समिति के अध्यक्ष दिनेश मित्तल, संगठन के महामंत्री अरविंद बागडी, संगठन के जिला अध्यक्ष धीरज खंडेलवाल, संयोजक राजेश गर्ग, विजय मेहता, हरीश विजयवर्गीय, सुरेंद्र जैन बाकलीवाल, आयोजन समिति की ओर से प्रेमचंद गोयल, टीकमचंद गर्ग, विष्णु बिंदल, निर्मल रामरतन अग्रवाल ने अतिथियों का स्वागत किया। संचालन मनीष लड्ढा, अरविंद बागड़ी एवं संगीता भारूका ने कियाआभार माना संगठन के संभागीय अध्यक्ष लखनलाल नागोरी नेइस अवसर पर शहर के सभी प्रमुख वैश्य घटकों इस अवसर पर शहर के सभी प्रमुख वैश्य घटकों की ओर से खंडेलवाल समाज के अध्यक्ष अशोक खंडेलवाल, जैन श्वेतांबर महासंघ के अध्यक्ष चंदनमल चौरड़िया, दिगंबर जैन सामाजिक संसद के अध्यक्ष प्रदीपकुमार कासलीवाल, माहेश्वरी समाज के कल्याणमल मंत्री, लक्ष्मण माहेश्वरी, प्रकाश बाहेती, अशोक डागा, रामअवतार जाजू, चित्तौड़ा महाजन समाज के महामंत्री प्रकाश गुप्ता, मेड़तवाल समाज के अध्यक्ष जगदीश गुप्ता, गहोई वैश्य समाज के अध्यक्ष जगदीश छिरोलिया, गंगराडे पोरवाल समाज के अध्यक्ष सुरेंद्र गंगराडे, पोरवाल समाज के अध्यक्ष सुभाष धनोतिया, पुरवार पोरवाल समाज के अध्यक्ष रामकिशन पुरवार, पोरवाल समाज के अध्यक्ष विवरण लक्ष्मीनारायण गुप्ता, अग्रवाल समाज के अध्यक्ष संजय बांकड़ा, राजेश बंसल पंप, पी.डी. अग्रवाल कॉन्ट्रेक्टर, जगदीश अग्रवाल बाबाश्री, पवन सिंघल, अनूप बंसल, गणेश गोयल, प्रहलाद दादा, नारायण अग्रवाल, विनोद बागड़ी आदि भी विशेष रूप से उपस्थित थेसम्मेलन में आयोजन समिति के अध्यक्ष दिनेश मित्तल, जिला अध्यक्ष धीरज खंडेलवाल, स्वागताध्यक्ष विनोद अग्रवाल, अशोक खंडेलवाल, चंदनमल चौरड़िया, कल्याणमल मंत्री, संजय बांकड़ा, जगदीश गुप्ता, जगदीश छिरोलिया सहित सभी वैश्य घटकों के अध्यक्षों ने इस पहल का स्वागत किया। जोधराज लड्ढा ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए वैश्य घटकों के बीच रोटी-बेटी के रिश्तों को बढ़ावा देने पर जोर दिया। मुख्य अतिथि रमेशजी अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि परिचय सम्मेलन कोई नई बात नहीं है, लेकिन समान खानपान, रहन-सहन और पूजा पद्धति वाले समाज यदि एक जाजम पर जमा होते हैं तो इसके कई लाभ बल्कि लाभ ही लाभ हैं, नुकसान कुछ भी नहीं है। हम सभी वैश्य घटक आपस में बाकी सारे व्यवहार करते आ रहे हैं, लेकिन जब रिश्तों की बात आती है तो संकोच क्यों करते हैं। आज वैश्य समाजों के बीच एक नेटवर्क स्थापित हो गया है। जमाना नेटवर्क का है। हमें भी इसका लाभ उठाना चाहिए। समाजों को हमने ही अलग-अलग समूहों में बांट रखा है । वैश्य समाज अपनी बुद्धि और मेहनत से कारोबार करता है। देश की 65 प्रतिशत अर्थव्यवस्था हमारे पास है । इसके बाद भी हम संकोच के कारण उच्च शिक्षित बच्चों के रिश्तों में निर्णय नहीं ले पाते। इसी कारण बच्चे अन्य समाजों में जा रहे हैं जरूरी यह है कि हम सभी वैश्य घटकों का एक परिवार बनाएँ और उस नेटवर्क से अपनी ताकत बढ़ाएं। यह सम्मेलन किसी महाकुंभ से कम नहीं है। जो लोग यहां इसमें सहयोग कर रहे हैं उनकी सेवाएं किसी पुण्य से कम फल देने वाली नहीं है। शुभारंभ सत्र के बाद परिचय का दौर शुरू हुआशुभारंभ सत्र के बाद परिचय का दौर शुरू हुआसम्मेलन में सभी प्रमुख वैश्य घटकों की 2500 प्रविष्ठियां प्राप्त हुई। इनमें अधिकांश प्रत्याशी उच्च शिक्षित एवं स्वयं के कारोबार में स्थापित हैं। सबसे पहले युवतियों ने मंच पर आकर बिना संकोच के अपना परिचय दिया। मंच से एलईडी के माध्यम से प्रत्याशी एवं परिचय पुस्तिका में प्रकाशित उसके विवरण की जानकारी भी परिचय के साथ प्रदर्शित की जा रही थी। इस सुंदर व्यवस्था के कारण परिचय की प्रक्रिया तेजी से चलती रही।युवक प्रत्याशियों ने इसी तरह मंच से परिचय देकर अपने लिए श्रेष्ठ जीवनसाथी की तलाश की। दूसरे दिन 25 सितंबर को अंतर्राष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन के कार्यकारी अध्यक्ष रमेशचंद्र अग्रवाल ने अपने प्रभावी संबोधन में कहा कि विश्व में अब सम्मेलन शुभकारज गार्डन पर अ.भा. वैश्य परिचय सम्मेलन का दो दिनी आयोजन 24, 25 सितंबर को अभूतपूर्व सफलता के साथ संपन्न हुआ। इसमें 220 रिश्ते तो तय हए ही, पहली बार सभी वैश्य घटकों की हस्तियां एक मंच पर जमा भी हुई। शुभारंभ रमेशजी अग्रवाल, जोधराज लड़ा, सुरेन्द्र गुप्ता, रमेश बढ़ाया जैसी वैश्य महासम्मेलन की दिग्गज हस्तियों ने किया।चित्र में अतिथियों के साथ विनोद अग्रवाल, दिनेश मित्तल, किशोर गोयल, संजय बांकडा, संतोष गोयल, राजेश गर्ग एवं अरविंद बागडी दीप प्रज्जवलित करते हुए। विकास कामापटंट आर्थिक शक्ति बन गया है। वही की तरफ बढ़े तो हमारा रुपया डॉलर में चल सकत विकास कामापटंट आर्थिक शक्ति बन गया है। वही देश ज्यादा समद्ध होंगे, जिनके पास आर्थिक तरक्की हैअर्जित करने की बद्धि है और सभी जानते हैं कि सिर्फ वैश्य समाज ही है, जो अपनी बद्धि से दनिया के अर्थतंत्र को चलाए हए है। जब तक वैश्य समाज के सभी घटक एक नहीं होंगे. हमारी संगठन शक्ति को कोई नहीं पहचानेगा। यदि सभी वैश्य एकजट होकर संकोच की दीवारों को लाघंकर अब वैवाहिक रिश्तों की तरफ बढ़े तो हमारा रुपया डॉलर में चल सकत है। इस नए गठजोड में लाभ ही लाभ है। उन्होंने कहा कि हम जितना अधिक समय समाज को देंगे, कई गुना अधिक प्रतिफल हमें मिलेगा। समाजसेवा का क्षेत्र यदि अच्छे मन और अच्छे प्रबंधन के साथ चना जाए तो इसमें भी भगवान की कपा के साथ उन लोगों की दआएं भी मिलती है, जो हमारे सेवा कार्यों से लाभान्वित होते हैं। शेष पृष्ठ 3 पर